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Stampede in Khatu Shyam: खाटूश्याम में भगदड़ में 3 महिला श्रद्धालुओं की मौत‚ एकादशी पर रात से लाइन में लगे थे भक्‍त, पट खुलते ही मची भगदड़

 

injured at Khatu Shyamji Temple in Sikar
फोटोः ANI

Three people died, several injured at Khatu Shyamji Temple : सीकर जिले के खाटूश्यामजी के एकादशी पर दर्शन के  दौरान जुटी भीड़ में (Stampede in Khatu Shyam) बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार अल सुबह 5 बजे मंदिर कपाट खुलते ही खाटूश्यामजी में सोमवार सुबह भगदड़ मच गई। जिससे तीन महिलाओं की मौत हो गई व तीन लोग घायल हो गए।


injured at Khatu Shyamji Temple in Sikar
फोटोः ANI


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खाटूश्यामजी में सुबह 5 बजे भगदड़ मच गई। मंदिर के कपाट अचानक खुलते ही  भीड़ बेकाबू हो गई और (Khatu Shyam temple stampede) लोगों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस दौरान कई महिला और पुरुष श्रद्धालु नीचे गिरे जिसके बाद वे उठ नहीं सके। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और मंदिर समिति के गार्ड्स ने आनन-फानन में व्यवस्थाओं को संभाला। पुलिसकर्मियों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।


ऐसे हुआ हादसा

देर रात साढ़े ग्यारह बजे मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। लेकिन नियम के मुताबिक रात के ग्यारह बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोले जाने थे। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मंदिर में जमा थे। वहीं मंदिर  परिसर के बाहर तक भीड़ मौजूद रही। 

फिर सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुले, इसके एक घंटे बाद यानी 5 बजे अचानक भीड़ बेकाबू होने लगी। मंदिर में लाइन से दर्शन की व्यवस्था करने के लिए स्टील के बैरिकेड्स और रेलिंग लगाई लगी हुई हैं‚ लेकिन उसे पार करने की होड़ ऐसी हो गई कि दो दर्जन से ज्यादा महिलाएं और बच्चे नीचे गिर पड़े। 

जब तक भीड़ पर काबू पाया जा सका तब तक तीन महिलाओं की मौत हो चुकी थी। घटनास्थल पर पहुंची खाटू श्याम जी थाना प्रभारी रिया चौधरी ने बताया कि मंदिर के कपाट खुलते ही भीड़ बेकाबू हो गई थी। इसके बाद यह हादसा हुआ। मरने वालों में दो महिलाएं हरियाणा की बताई जा रही हैं। घायल महिलाओं और बच्चों में अलवर और जयपुर शहर के लोग बताए जा रहे हैं।


4 घंटे दर्शन नहीं रोके गए होते तो टल जाता हादसा

बाबा श्याम के वार्षिक मेले के समय श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सिर्फ 1 मिनट के लिए पट बंद रखे जाते हैं। भक्‍तों को रातभर दर्शन होते रहते हैं, लेकिन मासिक मेले में ऐसी व्यवस्था नहीं की गई थी। मंदिर प्रशासन ने रात 12 बजे दर्शन बंद कर दिए। मंदिर के पट बंद होते ही श्रद्धालु दर्शन के लिए रात में ही लाइन में लगते गए और भीड़ बढ़ती गई। ऐसे में सुबह तक 1 लाख भक्त कतारों में लग चुके थे और ऐसे  में पट खुलते ही भगदड़ मच गई।

 



वहीं, भगदड़ में तीन महिलाओं की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। इस हादसे में घायल दो लोगों को जयपुर रेफर कर दिया गया है। जबकि एक का खाटूश्यामजी सीएचसी में इलाज चल रहा है। मरने वालों में एक हरियाणा के हिसार की रहने वाली थी। जबकि दो अन्य की पहचान नहीं हो सकी है। फिलहाल खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।


 सीएम अशोक गहलोत ने जताया दुख

घटना पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने दुख जताते हुए कहा, 'सीकर में खाटूश्याम जी के मंदिर में भगदड़ होने से 3 दर्शनार्थी महिलाओं की मृत्यु बेहद दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं, ईश्वर उन्हें यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है। 
 


आपको बता दें कि खाटूश्यामजी में पुत्रदा एकादशी को मासिक मेला लगता है। जिसमें भारी संख्या में भक्त जुटते हैं। ऐसे में रविवार देर रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जुटने लगे. इस बीच जब आरती के लिए मंदिर की चौकियां बंद की गईं तो दरवाजे के पास दबाव बढ़ गया और हाथापाई शुरू हो गई। इससे मची भगदड़ में तीन महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई।


यहां दुनियाभर से सालभर पहुंचते हैं करोड़ों श्रद्धालु

खाटूश्याम मंदिर राजस्थान के शेखावाटी के सीकर जिले में स्थित है। जहां सालभर हर साल पूरी दुनिया के कोने-कोने से करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आकर श्याम बाबा का दर्शन करते हैं। बता दें कि खाटू का श्याम मंदिर बेहद ही प्राचीन है, इसकी आधारशिला सन 1720 में रखी गई थी। मंदिर के इसी परिसर में हर साल बाबा खाटू श्याम का प्रसिद्ध मेला लगता है।


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